Lyrics_दम मारु दम - मिथिलाञ्चल शायरी

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Monday, 12 February 2018

Lyrics_दम मारु दम

दम मारु दम बस दम मारु दम
बाबा भोलेके छै प्रसाद तब कथिके छै गम
दम मारु दम बस दम मारु दम

हम ना समझ छि आ हम छि अज्ञानी
बाबा भोले छथि तिनो लोकके स्वाभिमानी
भुत भबिष्य आ वर्तमान सब छै अधीन जिनमे
व्याह छै बाबा भोलेनाथके अकल्पनिय कहानी

दम मारु दम........

बाबा भोले छै अन्तरयामी
बदलि' दैत छैक सभक जीवन कहानी
भाङ्ग धथूर आ बेलक पत्ता
सारा दुनिया एकरे सत्ता
चारो युगमे नाम छै हिनकर
सब पऽ राज चलैय जिनकर
बस दु घोट मारि' लिब दिय
बाबाके नामसँ होटके जारि' लेब दिय

दम मारु दम........
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