गज़ल - हसैत ई हिया फेरसँ कठोर भऽ गेल

हसैत ई हिया फेरसँ कठोर भऽ गेल !
आँखिकऽ पानि बहि जखन नोर भऽ गेल !!

समय छै पैघ बहुते बलवान एत !
प्रकृति ताण्डबसँ एकरे जोर भऽ गेल !!

दिन दुपहर रहैय सुर्ता भूकंपकऽ !
पहरा करैत ए राति सँ भोर भऽ गेल !!

संसारकऽ सबसँ सुन्दर देश अप्पन !
खसि धरहरा दुनिया में सोर भऽ गेल !!

हे कोना करी केकरो पऽ विश्वास आब !
देशकऽ नेता ओहे जखन चोर भऽ गेल !!
आखर : १५
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