|| हम कारी || - मिथिलाञ्चल शायरी

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Monday, 13 November 2017

|| हम कारी ||

छवि : एस के मैथिल 
हम कारी
हमर देह कारी
आँखिक दुनू
नयन कारी !!

बात करैत छैक
बड़ भारी तैयो !
कहैत छैक
हमरा कारी !!

किए अतेक
गुमान करैत छी !
अहूँक नयन तऽ
छैक कारी !!

बिना कारी सँ
दुनिया चलत कोना ?
ताहि' सँ राति' कऽ रंग
छैक कारी !!

हवामे उड़ैत अहाँक
रेशम नियन केश !
पूछि लिय अप्पन केश सँ
ओकरो रंग छैक कारी !!

ई जग में बिना कारी के
ज्ञान पाबि' कहाँ ?
कलम के सियाही कऽ
रंग छैक कारी !!

हम कारी
हमर देह कारी !
आँखिक दुनू
नयन कारी !!
___________________________________________


__.✍ एस के मैथिल 
स्थान : जनकपुरधाम-१ सिता चौक,





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