|| बेटी के पुकार ||


हे यौ बाबू जी अहाँ कैला
करै छी एना भेदभाव
बेटा के पढ़बै छी बोडिङ
स्कूल हमरा करबै छी घास,
भुसा ,चुल्हा, चौकी

बेटा अहाँके टहल टिपोरा नई करैय
हम तऽ सब काम करैत छी
अहाँ लगाएत माई, दैया, बबा
काका, काकी सबके तेयौ कैला
एना भेदभाव करैत छी यौ बाबू जी

बेटी नई शिक्षित रहतै तऽ ई गाउँ
समाज घरक बौवा बुच्ची सेहो
अशिक्षित रहतै त्यँ हमरा लिखा
दिय स्कूल मे नाम यौ बाबू जी

हम पढि लिख कऽ तोरे नाम रखबो
नैहर सँ सासु धरि सबके शिक्षित
बनैबो त्यँ  हमरो पढ़ाबू यौ बाबू जी

अखन देश विदेश मे देखियौ महिला
कतेक पढ़ल लिखल छै आ अखुनो
तक तो सब ईनार मेके बेङ छा
बेटा के पढ़बै छा आ बेटी के खाली
काम धन्धामे लगौने रहै छा

आब नै एहन भेदभाव करियौ बाबू जी
जेहने बेटा तेहने बेटी दुनु के मान समान
करियौ बाबू जी चल हमरो लिखाबि दिए
सरकारीए स्कूल मे नाम यौ बाबू जी
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