|| सुनुहे मईया शारदा भवानी ||

विणा बजबियौ मईया 
तिनु लोगमे सुनबियौ
हंस प सवार भके 
मईया चलियबि यौ
सत/सत नमन हम करैछी
सुनुहे मईया शारदा भवानी

जकरा प मईया अहाँक कृपा भऽ जेतैं
गुणी आओर ज्ञानी विद्धवान कहेतैं
कन्हैयाके बासुरीमे अहाँ समैली
सुर संगमके राग अहाँ भरली
मुरख कालिदास बनिगेल ज्ञानी
सुनुहे मईया शारदा भवानी

विधापति उगंनाके कवि बनेलौं
हमरा किए मईया अज्ञानी बनेलौं
रामायण कुराणके केलौं रचना
तुलसी मईयाके कलम मे समेलौं
करौ उदगार अहाँक बखानी
सुनुहे मईया शारदा भवानी
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