Maithili Shayari - जान सँ बैढ़ कऽ हम अहाँके चाहैत छी








जान सँ बैढ़ कऽ हम अहाँके चाहैत छी ,
अप्पन जीनगी हम अहाँके मानैत छी !
कहियो नै टूटे अप्पन प्रितक डोर ,
सैदखन भगवान सँ इहे वर मांगैत छी !!