Maithili Shayari - दुनियाकऽ डर सँ कोई





दुनियाकऽ डर सँ कोई ,
जिय के नई छोड़ैत अछि !
और कनियाँक डर सँ कोई ,
पिय के नई छोड़ैत अछि !!