गज़ल ~ हमरा लेल तों काँट


हमरा लेल तों काँट कोना भऽ गेलही
बिनु कटले तों छाँट कोना भऽ गेलही

मानैत छलियौ अपना मनक खम्बा
आई छिटैकिक' टाट कोना भऽ गेलही

तोरा देखिऐक मन मिठ भऽ जाएत छल
तों तितोसँ तित भाँट कोना भऽ गेलही

जाइठक छाती पऽ आगि पजार बाली
चटसँ पोखरीक' घाट कोना भऽ गेलही

कीन सायत ईश्वरो नइ मानतौ इ गप
हमरा लेल जरिक' राँट कोना भऽ गेलही
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