|| खाली बेटी नई घर छोडि'क जाई छै...||

खाली बेटी नई घर छोडि'क जाई छै...
बेटा सेहो घर छोडि'क जाई छै !!

अप्पन जान सँ बेसी
प्रेम भरल लेपटाॅप छोडि'क
अलमारी के ऊपर रखल
झोइल लागल गितार छोडि'क

जिम के लोहा-लकर
और बाकी सब मशीन छोडि'क
कोठी पर रखल मन पसन्द
वर्कशीट, किताब, काॅपी छोडि'क
सब कुछ ओहिने छोडि'क जाई छै
खाली बेटी नई घर छोडि'क जाई छै...
बेटा सेहो घर छोडि'क जाई छै

अप्पन मन पसन्द ब्रान्डेड
जीन्स और टीशर्ट छोडि'क
अलमारी में रखल कपरा, जूता
आउर गंध खाइत पुरानक' मोजा छोडि'क
हाथ नई लगाब दै वाला
उ सबकुछ छोडि'क जाई छै
खाली बेटी नई घर छोडि'क जाई छै
बेटा सेहो घर छोडि'क जाई छै

जे सिरहाना के बेगैर कतो
सुतै के लेल झगरै वाला
आबि'क कोई देखू तऽ उ
कतो अखुन अब सुति' जाई छै
खाई में सैय बेरी झेल करै वाला
अब कुछो चुपे चाप खाऽ लैत छै

अप्पन घर में ककरो नै सुत दै वाला
अब एक बिछोन पर सबके
साथ एडजस्ट भऽ जाई छै
खाली बेटी नई घर छोडि'क जाई छै
बेटा सेहो घर छोडि'क जाई छै

घर के मिस करै छै मुदा
कहैत छै 'हम बहुत निक छी'
सैयके सैय सपना रखै वला
आब कहैं छै 'कुछो नै चाहि'

पैसा कमाबै के जोश में
उ आब अपने कागज बैन जाई छै
खाली बेटी नई घर छोडि'क जाई छै
बेटा सेहो घर छोडि'क जाई छै
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__.✍ अशोक कुमार सहनी 
लहान ४ रघुनाथपुर ,सिरहा ,नेपाल
हॉल (दोहा /क़तार )