गीत ~ धूमधामसँ पूजब चौठी-चाँन हे

उगऽ झट्ट दऽ जुड़ाबऽ जान हे
धूमधामसँ पूजब चौठी-चाँन हे
चिकनि माटिसँ सभतरि निपलहुँ
पिठारक अनेक अरिपन लिखलहुँ
चमचम चमकै अंगना-दलान हे
उगऽ झट्ट दऽ जुड़ाबऽ जान हे
धूमधामसँ पूजब . . .

खिर-पुड़ी- दही-केरा, व्यञ्जनसँ
मड़र सजौने छी खूब जतनसँ
चढौने पान, सुपाड़ी, मखान हे
उगऽ झट्ट दऽ जुड़ाबऽ जान हे
धूमधामसँ पूजब . . .

कल जोड़िके भण्डारा लगायब
कलस लकऽ हाथ हम उठायब
जीबथि-जागथि मोरा सन्तान हे
उगऽ झट्ट दऽ जुड़ाबऽ जान हे
धूमधामसँ पूजब . . .
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__.✍ विद्यानन्द वेदर्दी 
राजबिराज, सिरहा (नेपाल)