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छवि : नाविका आ रिआन |
आइ अछि पावन रक्षाबंधन
सिनेहक धारमे बहत दुनियाँ
कोन कवि करत महिमा मंडन
जेबी खाली हेतैक भाइ सभक
बहिन जखन देति अभिनन्दन
हाथमे राखी केर डोर शोभय
शोभय ललाट पर लाल चंदन
लाख उपाय करौ दुश्मन दुनियाँ
अटुट अछि भाइ-बहिनक बंधन
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__✍ गायत्री सिंह
लहान, सिरहा (नेपाल)