|| मिथिलाक' शान अछि धोती ||

मिथिलाकऽ शान अछि धोती ,
मैथिलीकऽ पहिचान अछि धोती !
नै बिसरब हम अपन संस्कार ,
कियाकी मैथिलीकऽ जान अछि धोती !!

नै बदलब हम अपन पहिरन ,
नै बदलब हम अपन भेष ,
कियाकी ककरो गुलाम नै अछि धोती !
बदैल देब समय आ बदैल देब इतिहासके ,
कियाकी मिथिलाकऽ दु:ख आ दर्दसँ ,
अन्जान नै अछि धोती !!

नै समझू कि धोती मोमकऽ दीवार अछि ,
कियाकी ज्वालासँ  भरल चट्टान अछि धोती !
मिथिलामें बसल हरेक मधेशीकऽ ,
आन, बान, शान आ प्राण अछि धोती ,
हम मैथिल आ मैथिलीकऽ शान अछि धोती !!

नै करु कोइ मैथिलसँऽ बैर ,
कियाकी दुश्मनकऽ सर काट' बला ,
तलबार अछि धोती !
मिथिलाकऽ शान अछि धोती ,
मैथिलीकऽ पहिचान अछि धोती !!
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