
एकटा अहिँके तलासमे छी
संग जीयब से आसमे छी॥
अहाँ तनमनमे मात्र कहाँ,
हमर एक-एक साँसमे छी॥
दर्द सँ फाटि रहल य हिया,
जुनि पुछु कते निरासमे छी ॥
हम पियक्कड तऽ भठ्ठीमे,
अहाँ शराबक ग्लासमे छी॥
छोडि गेलौ असगर अहाँ मुदा,
लगैए हमहीँ बनबासमे छी॥
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