
राखी सँ छि थाली सजौने,
फल फूल मिठाईसँ डलिया ।
चंदनसँ छि कटोरी सजौने,
कखन एत: हमर भइया ।।
चिक्नी माटिक' छि चौरा लगौने,
अोहि' पर रखने छि पिढीया ।
रंग विरंग फूलसँ माला सजौने,
भाइ बहिनक' चित्र से झुलना ।
पान मखानक' नस्ता बनउने,
तिलकोरक' तरने छि तरुवा ।
दुवारि' पर छि कलश सजौने,
पाऊँ पखालब एत: अंगना ।।
नइ मङ्गबै खेतवारी या रुपैया,
लेबै भईया सेनेहक' बगीया ।
चाँद सुरुजक' एतै रूप सजौने,
बन्हबै राखी दाहिन कलैया ।।
राखी सँ छि थाली सजौने,
फल फूल मिठाईसँ डलिया ।
चंदनसँ छि कटोरी सजौने,
कखन एत: हमर भईया ।।